CG NEWS :हाईवे के किनारे लगता है सब्जी मार्केट ,प्रशासन ने हटाया लेकिन बात नहीं बनी

CG NEWS :बिश्रामपुर। बीते दिनों नगर पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत सब्जी बाजार कांप्लेक्स के समाने नेशनल हाईवे 43 से लगी पार्किंग स्पेस और हनुमान मंदिर के बगल वाली सड़क पर पिलखा नायब तहसीलदार मीना सिंह व नगर पंचायत बिश्रामपुर के सीएमओ ने बिश्रामपुर थाना के सहयोग से सड़क पर साग सब्जी बेच रहे छोटे दुकानदारों को हटा दिया था। इन छोटे दुकानदारों के पुनर्वास के लिए उन्हें सब्जी फल परिसर के अंदर और साइड में खाली जगह पर सब्जी बेचने के लिए अस्थाई जगह देने के लिए मंगलवार को नायब तहसीलदार मीना सिंह ने मामले का निपटारा करने के बुलाया गया था। लेकिन बात नहीं बनी और एक सवाल सब्जी विक्रेताओं ने प्रशासन और सड़कों पर कब्जा करके व्यापार करने वालों पर खड़ा कर दिया।
नगर पंचायत बिश्रामपुर के सीएमओ और
नायब तहसीलदार मीना सिंह ने सड़क के किनारे व्यापार करने वाले करीब दो दर्जन भर सब्जी विक्रेता जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक है ,इनके बीच चल रहे विवाद में हुई बातचीत का सार यह निकाल कर आया कि जिला और निकाय का प्रशासन नहीं चाहता कि सड़क पर सब्जी नहीं बेची जानी चाहिए ये कभी भी गंभीर दुर्घटना में परिवर्तित हो सकती है क्योंकि यह सड़क नेशनल हाईवे 43 है और यहां पर भारी और हल्के वाहन अक्सर गुजरते रहते हैं।
जिले का प्रशासन बिश्रामपुर नगर पंचायत क्षेत्र में व्यवस्थित व्यापारिक बसाहट चाहता है। इसलिए इन फुटकर सब्जी विक्रेताओं को सब्जी मार्केट के परिसर के अंदर और परिसर के साइड में खाली जगह पर व्यवस्थित करना चाहता है।
अब फुटकर सब्जी व्यापारियों का कहना है कि हम सालों से सड़क के किनारे व्यापार कर रहे हैं। परिसर के अंदर हमको व्यापार करने में असुविधा होगी। हमारे ग्राहक नहीं आएंगे । परिसर के अंदर हमको व्यवस्थित और मनचाही जगह दी जाए जिस पर सब्जी कंपलेक्स के अंदर व्यापार कर रहे व्यापारियों का कहना है कि हम अपना चबूतरा सड़क पर व्यापार करने वाले को क्यों दे। जब प्रशासन उनको जगह दे रहा है उसे हमको कोई आपत्ति नहीं है।
सड़क पर व्यापार करने वाले सब्जी व्यापारियों को मौके पर समझाइश दे रही पिलखा की नायब तहसीलदार मीना सिंह ने उन्हें कई बार कहा कि जितने भी दुकानदार यहां पर हैं वह मुझे या नगर पंचायत बिश्रामपुर आवेदन देवे। उनके आवेदन के आधार पर भविष्य में स्थाई चबूतरा आवंटित करने की प्रक्रिया की जाएगी लेकिन बात नहीं बनी। विवाद कायम रहा है।
सड़क पर व्यापार करने वाले सब्जी व्यापारियों का कहना है कि सूरजपुर और अंबिकापुर में भी सब्जी बाजार सड़क किनारे लगते हैं लेकिन उनके साथ ऐसा नहीं हो रहा है यह सिर्फ हमारे साथ हो रहा है। हम जल्द ही मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से मुलाकात करके अपनी समस्या अब रखेंगे।
कुल मिलाकर देखा जाए तो सारा मामला बेजा कब्जा से जुड़ा हुआ है। सड़क के किनारे से बेदखल हुए सब्जी विक्रेताओ को नई जगह पर अपने व्यापार में नुकसान होने का डर सता रहा। इसलिए स्थानीय प्रशासन की बात मानने से इनकार कर रहे हैं वही यह पूरे सिस्टम पर सवाल भी खड़े कर रहे हैं कि सड़क के किनारे कई स्थानों पर लोग व्यापार करते हैं उनके लिए नियम लागू क्यों नहीं होता है ..? ये यह इस बात को नहीं समझ रहे की सार्वजनिक संपत्ति या सार्वजनिक स्थान कभी किसी का निजी और स्थाई संपत्ति और स्थान नहीं हो सकता है। फिलहाल खबर लिखे जाने तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। सड़क पर सब्जी बेचने वाले विक्रेताओं में अधिकांश आसपास के गांव से आते हैं जिसमें कई किसान भी है। तो साग सब्जी खुद लगाते हैं और बेचते भी है।









